एक सबसे बडी ताकत होती है ईमानदारी लेकिन यह ताकत बिखर गयी है भिन्नता में अपने आप तक सीमित कर दी गयी है हम ईमानदार है बस बाकी हमें क्या करना है।
बेईमानों ने हर एक ईमानदार इंसान को ऐसे ही अलग अलग किया कि आप ईमानदार सज्जन हो आप शांत रहो आपको क्या करना है ये बेईमानों की दुनिया है आपको क्या करना है बेईमान लोगों से ईमानदार डर जाता है क्यूंकि ईमानदारी अकेले रहती है परंतु अब समय आ गया है_____
ईमानदारी की ताकत का बेइमानों को एहसास कराओ, वह साहसी है वह युवा है, उसके चेहरे पर निर्भयता की चमक है , वह गरजती है वह यह साबित कर देती है कि ईमानदारी की ताकत के सामने बेइमानी को सिर और आंखें झुकाकर के रहना पडता है वह जहां जाती है एक धमक होती है एक चमक होती है भ्रष्टाचार की रूह कांपती है।
हां जी मैं बात कर रहा हूं बुलंदशहर की ईमानदारी की बुलंद आवाज डीएम बी चंद्रकला आप जब पहले मथुरा की डीएम थी तो उनकी ईमानदारी व सक्रियता की वजह से बुलंदशहर ट्रांसफर कर दिया गया मथुरा की जनता ने सरकार को पत्र लिखे लेकिन सरकार ने जनता की एक ना सुनी और ट्रांसफर कर दिया गया।
लेकिन ईमानदारी जिसके हृदय में होगी वह मशाल अंधेरे में हमेशा जलेगी बेईमानी की हवा उसे बुझा नहीं सकती कुछ दिन पहले ही एक बीडियो आप सभी ने देखा होगा जब डीएम चंद्रकला एक शिकायत पर जांच के लिये जाती है तब वहां घटिया सामग्री से बनी हुयी गढ्ढों की साम्राज्य सडक देखती है और एकदम घटिया सामग्री देखकर आग बबूला हो जाती है और साफ शब्दों में वहां के अफसर और ठेकेदारों को हडकते हुये कहती है कमीशनबाजी की भी हद होती है और सडक पर अच्छी सामग्री ही प्रयोग की जाये ऐसा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
आप युवा हो और एक बुढ्ढा भी युवा हो सकता है युवा का अर्थ 25 साल की उम्र होना ही नहीं होता बल्कि सोच से युवा होना चाहिये सभी ईमानदार नवयुवकों को एक मंच पर आकर ईमानदारी की ताकत बननी चाहिये और बेइमानों को भ्रष्टाचार के भस्मासुर को खत्म कर देना चाहिये।
अगर अफसर ऐसी ही ईमानदारी दिखायें जनप्रतिनिधि सहयोग करें तो भ्रष्टाचार चौबीस घंटे और चंद दिनों में खत्म हो सकता है लेकिन सरकार नहीं करेगी जनप्रतिनिधि क्यूं करेंगे अगर करते तो मथुरा से बी चंद्रकला का ट्रांसफर नहीं होता और जनता मूकदर्शक नहीं बनती इसलिये आवश्यकता है ऐसी ईमानदारी को पहचानने की और जब कभी जनता को यह लगे की बी चंद्रकला जैसी ईमानदार अफसर का ट्रांसफर हो रहा है उसके साथ गलत हो रहा है तो जनता को सडक पर उतर आना चाहिये ईमानदार अफसरों का ट्रांसफर गैरकानूनी तरीकों से नहीं होना चाहिये।
अशोक खेमका का 42 बार ट्रांसफर हो चुका है दुर्गाशक्ति नागपाल को ईमानदारी को क्या उपहार मिला यह इतनी आसानी से कोई सरकार इसलिये कर पाती है क्यूंकि ईमानदार जनता ईमानदार नवयुवक शांति से मूकदर्शक बने रहते है अगर भ्रष्टाचार के भसमासुर को खत्म करना है तो युवाओं ईमानदारी की ताकत का एक गट्ठर बना लो फिर कोई बेईमान कोई भ्रष्ट अफसर कोई दलाल कोई जातिवादी मानसिकता का तालिबानी हृदयवाला सर उठाकर नहीं जायेगा आपके सामने नतमस्तक नजर आयेगा।
तब बी चंद्रकला , दुर्गा शक्तिनागपाल अशोक खेमका जैसे अफसर और बुलंदी से काम करेंगें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से जो ईमानदारी की आवाज बुलंद हुयी है उसे ऐसे ही बुलंद बनाये रखने के लिये हम सभी नवयुवकों को एक साथ आवाज देनी होगी जिससे भ्रष्ट सरकार भ्रष्ट अफसर भ्रष्ट जनप्रतिनिधि और इनका भ्रष्टाचार का भसमासुर की मृत्यु हो जाये।
मैं नमन करता हूं बी चंद्रकला जैसी ईमानदारी की मिशाल नारी शक्ति को और आप ?????
बेईमानों ने हर एक ईमानदार इंसान को ऐसे ही अलग अलग किया कि आप ईमानदार सज्जन हो आप शांत रहो आपको क्या करना है ये बेईमानों की दुनिया है आपको क्या करना है बेईमान लोगों से ईमानदार डर जाता है क्यूंकि ईमानदारी अकेले रहती है परंतु अब समय आ गया है_____
ईमानदारी की ताकत का बेइमानों को एहसास कराओ, वह साहसी है वह युवा है, उसके चेहरे पर निर्भयता की चमक है , वह गरजती है वह यह साबित कर देती है कि ईमानदारी की ताकत के सामने बेइमानी को सिर और आंखें झुकाकर के रहना पडता है वह जहां जाती है एक धमक होती है एक चमक होती है भ्रष्टाचार की रूह कांपती है।
हां जी मैं बात कर रहा हूं बुलंदशहर की ईमानदारी की बुलंद आवाज डीएम बी चंद्रकला आप जब पहले मथुरा की डीएम थी तो उनकी ईमानदारी व सक्रियता की वजह से बुलंदशहर ट्रांसफर कर दिया गया मथुरा की जनता ने सरकार को पत्र लिखे लेकिन सरकार ने जनता की एक ना सुनी और ट्रांसफर कर दिया गया।
लेकिन ईमानदारी जिसके हृदय में होगी वह मशाल अंधेरे में हमेशा जलेगी बेईमानी की हवा उसे बुझा नहीं सकती कुछ दिन पहले ही एक बीडियो आप सभी ने देखा होगा जब डीएम चंद्रकला एक शिकायत पर जांच के लिये जाती है तब वहां घटिया सामग्री से बनी हुयी गढ्ढों की साम्राज्य सडक देखती है और एकदम घटिया सामग्री देखकर आग बबूला हो जाती है और साफ शब्दों में वहां के अफसर और ठेकेदारों को हडकते हुये कहती है कमीशनबाजी की भी हद होती है और सडक पर अच्छी सामग्री ही प्रयोग की जाये ऐसा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
आप युवा हो और एक बुढ्ढा भी युवा हो सकता है युवा का अर्थ 25 साल की उम्र होना ही नहीं होता बल्कि सोच से युवा होना चाहिये सभी ईमानदार नवयुवकों को एक मंच पर आकर ईमानदारी की ताकत बननी चाहिये और बेइमानों को भ्रष्टाचार के भस्मासुर को खत्म कर देना चाहिये।
अगर अफसर ऐसी ही ईमानदारी दिखायें जनप्रतिनिधि सहयोग करें तो भ्रष्टाचार चौबीस घंटे और चंद दिनों में खत्म हो सकता है लेकिन सरकार नहीं करेगी जनप्रतिनिधि क्यूं करेंगे अगर करते तो मथुरा से बी चंद्रकला का ट्रांसफर नहीं होता और जनता मूकदर्शक नहीं बनती इसलिये आवश्यकता है ऐसी ईमानदारी को पहचानने की और जब कभी जनता को यह लगे की बी चंद्रकला जैसी ईमानदार अफसर का ट्रांसफर हो रहा है उसके साथ गलत हो रहा है तो जनता को सडक पर उतर आना चाहिये ईमानदार अफसरों का ट्रांसफर गैरकानूनी तरीकों से नहीं होना चाहिये।
अशोक खेमका का 42 बार ट्रांसफर हो चुका है दुर्गाशक्ति नागपाल को ईमानदारी को क्या उपहार मिला यह इतनी आसानी से कोई सरकार इसलिये कर पाती है क्यूंकि ईमानदार जनता ईमानदार नवयुवक शांति से मूकदर्शक बने रहते है अगर भ्रष्टाचार के भसमासुर को खत्म करना है तो युवाओं ईमानदारी की ताकत का एक गट्ठर बना लो फिर कोई बेईमान कोई भ्रष्ट अफसर कोई दलाल कोई जातिवादी मानसिकता का तालिबानी हृदयवाला सर उठाकर नहीं जायेगा आपके सामने नतमस्तक नजर आयेगा।
तब बी चंद्रकला , दुर्गा शक्तिनागपाल अशोक खेमका जैसे अफसर और बुलंदी से काम करेंगें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से जो ईमानदारी की आवाज बुलंद हुयी है उसे ऐसे ही बुलंद बनाये रखने के लिये हम सभी नवयुवकों को एक साथ आवाज देनी होगी जिससे भ्रष्ट सरकार भ्रष्ट अफसर भ्रष्ट जनप्रतिनिधि और इनका भ्रष्टाचार का भसमासुर की मृत्यु हो जाये।
मैं नमन करता हूं बी चंद्रकला जैसी ईमानदारी की मिशाल नारी शक्ति को और आप ?????
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