आज तीन दिन बाद कह सकता हूं कि मैं स्वस्थ हूं औषधि ने फायदा पहुंचाया आज मैं फिर से ऊर्जावान हूं।
शिक्षा और जागरूकता का आपसी संबंध है आपका मानना है जो शिक्षित है वह जागरूक है निहसंदेह हो सकता है परंतु हमें भ्रम भी है।
एक अशिक्षित व्यक्ति भी जागरूक होता है और एक शिक्षित ब्यक्ति भी जागरूकता से कोशों दूर हो सकता है और घरेलू महिलाओं के बारे में क्या कहना उन्हें वही करना होता है जो उनके पति चाहते हों और हमारे बुंदेलखंड में हमारे चित्रकूट में एक धर्मपत्नी का यही कर्तव्य है।
अब हम शिक्षित हो रहे हैं महिलायें भी शिक्षित हो रही हैं मेरी एक दीदी हैं मेरे ही जिले से पर मिली फेसबुक में ही हैं यहां तक की परिचय के मोहताज नहीं हैं क्यूंकि हमारी रिश्तेदारी भी उसी शहर में है धीरे धीरे हमारी बातें हुयी वो मेरे लिखे की प्रशंसा करने लगीं जो शायद बहुत कम लोग प्रोत्साहन दे पाते हैं।
कल शाम को दीदी से बात होने लगी दीदी कहने लगी आपकी चर्चा सिर्फ एफबी पे नहीं बाहर भी है मुझे तो यह भी नहीं पता था कि एफबी में मेरी कोई चर्चा करता है और बाहर कितनी चर्चा होती है अंदाजा नहीं था बस दीदी से कुछ लोगों ने कहा आप नहीं जानती उसे नेता है वो पर सच कहूं तो मैं नेता अभी मानता ही नहीं इसलिये आजतक पूर्ण सफेद ड्रेस नहीं पहनी सिवाय एक बार दिल्ली में।
हां तो मुझे बात दीदी की करनी थी दीदी ने कहा आप बीजेपी से हैं मैने कहा हां दीदी मैं बीजेपी से इत्तेफाक रखता हूं , दीदी कहने लगी एक बात बताऊं मैने कहा 'हां' दीदी बताईये __ मेरे पति कांग्रेस की विचारधारा से इत्तेफाक रखते हैं या कह लीजिए कांग्रेस को पसंद करते हैं लेकिन मैं बीजेपी को पसंद करती हूं या कह लीजिए बीजेपी में ही मुझे राष्ट्र का भविष्य नजर आता है मेरी अपनी मजबूरी है मैं खुलकर नहीं लिख सकती परंतु मैं राष्ट्रहित के लिये प्रतिबद्ध हूं।
आपको यह बात सामान्य लग सकती है पर मेरे लिये यह बात असाधारण है शुभसंकेत है बुंदेलखंड के लिये चित्रकूट के विकास के लिये क्यूंकि मैं उस बुंदेलखंड से हूं जहां मतदान दिवस के कुछ दिन पहले से तमाम पतिगण अपनी पत्नियों को यह समझाते हैं कि_____
देख या नंबर मां हांथी के बटन ही या वाली बटन दबा दीन्हें।
अरे कहां जाती हा सुन यंघय देख या वाली बटन तीन नंबर मां कमल क्या निशान है यहिके सामने वाली बटन दबा दीन्हें ऊं वाले भैया जीत जैईहंय तो आपन कुछ काम होई अरे आपन जातभाई आय रिश्तेदारी है देश जाय तेल लेने।
ये सुन थोई से यंघय अवय ठीक से दिखे भला गलती ना कीन्हें जात के इज्जत के बात ही या साईकिल पहिचान ले घर मां देखती हा ना साईकिल हां सदियों से साईकिल खरीदने योग्य ही तो बना पाये आपको कार कहां से दिखा पाओगे।
ये हालात हैं पहले तो बैलेटपेपर में अंगूंठा लगता था अब मशीन आ गयी तो अंगूठा अशिक्षा छिपी हुयी नजर आती है सरकार बहुत होशियार है वरना अशिक्षा की हर चुनाव में पोल खुलती।
और अगर उसी बुंदेलखंड से मेरी दीदी अपने स्वतंत्र विचार रख दें तो है ना एक भाई के लिये गौरव की बात कि अब वास्तव में परिवर्तन हो सकता है दीदी मैं जानता हूं आप समाज के सामने आकर इन बातों को नहीं कह सकती पर मैं यह भी जानता हूं आप अपने तरीके से आंतरिक रूप से जागरूकता फैलाने के लिये प्रतिबद्ध हैं और आप जैसी बहन चित्रकूट के विकास में बुंदेलखंड के विकास की क्रांति में अंदरूनी समयानुसार महत्वपूर्ण साथ दे रही हैं यह है ना महिला स्वतंत्रता वैचारिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अपने मत का सही प्रयोग अपने विवेकानुसार तो क्या मैं अपनी दीदी की सोच समझ विचारों पर गर्व नहीं कर सकता और आप ????
शिक्षा और जागरूकता का आपसी संबंध है आपका मानना है जो शिक्षित है वह जागरूक है निहसंदेह हो सकता है परंतु हमें भ्रम भी है।
एक अशिक्षित व्यक्ति भी जागरूक होता है और एक शिक्षित ब्यक्ति भी जागरूकता से कोशों दूर हो सकता है और घरेलू महिलाओं के बारे में क्या कहना उन्हें वही करना होता है जो उनके पति चाहते हों और हमारे बुंदेलखंड में हमारे चित्रकूट में एक धर्मपत्नी का यही कर्तव्य है।
अब हम शिक्षित हो रहे हैं महिलायें भी शिक्षित हो रही हैं मेरी एक दीदी हैं मेरे ही जिले से पर मिली फेसबुक में ही हैं यहां तक की परिचय के मोहताज नहीं हैं क्यूंकि हमारी रिश्तेदारी भी उसी शहर में है धीरे धीरे हमारी बातें हुयी वो मेरे लिखे की प्रशंसा करने लगीं जो शायद बहुत कम लोग प्रोत्साहन दे पाते हैं।
कल शाम को दीदी से बात होने लगी दीदी कहने लगी आपकी चर्चा सिर्फ एफबी पे नहीं बाहर भी है मुझे तो यह भी नहीं पता था कि एफबी में मेरी कोई चर्चा करता है और बाहर कितनी चर्चा होती है अंदाजा नहीं था बस दीदी से कुछ लोगों ने कहा आप नहीं जानती उसे नेता है वो पर सच कहूं तो मैं नेता अभी मानता ही नहीं इसलिये आजतक पूर्ण सफेद ड्रेस नहीं पहनी सिवाय एक बार दिल्ली में।
हां तो मुझे बात दीदी की करनी थी दीदी ने कहा आप बीजेपी से हैं मैने कहा हां दीदी मैं बीजेपी से इत्तेफाक रखता हूं , दीदी कहने लगी एक बात बताऊं मैने कहा 'हां' दीदी बताईये __ मेरे पति कांग्रेस की विचारधारा से इत्तेफाक रखते हैं या कह लीजिए कांग्रेस को पसंद करते हैं लेकिन मैं बीजेपी को पसंद करती हूं या कह लीजिए बीजेपी में ही मुझे राष्ट्र का भविष्य नजर आता है मेरी अपनी मजबूरी है मैं खुलकर नहीं लिख सकती परंतु मैं राष्ट्रहित के लिये प्रतिबद्ध हूं।
आपको यह बात सामान्य लग सकती है पर मेरे लिये यह बात असाधारण है शुभसंकेत है बुंदेलखंड के लिये चित्रकूट के विकास के लिये क्यूंकि मैं उस बुंदेलखंड से हूं जहां मतदान दिवस के कुछ दिन पहले से तमाम पतिगण अपनी पत्नियों को यह समझाते हैं कि_____
देख या नंबर मां हांथी के बटन ही या वाली बटन दबा दीन्हें।
अरे कहां जाती हा सुन यंघय देख या वाली बटन तीन नंबर मां कमल क्या निशान है यहिके सामने वाली बटन दबा दीन्हें ऊं वाले भैया जीत जैईहंय तो आपन कुछ काम होई अरे आपन जातभाई आय रिश्तेदारी है देश जाय तेल लेने।
ये सुन थोई से यंघय अवय ठीक से दिखे भला गलती ना कीन्हें जात के इज्जत के बात ही या साईकिल पहिचान ले घर मां देखती हा ना साईकिल हां सदियों से साईकिल खरीदने योग्य ही तो बना पाये आपको कार कहां से दिखा पाओगे।
ये हालात हैं पहले तो बैलेटपेपर में अंगूंठा लगता था अब मशीन आ गयी तो अंगूठा अशिक्षा छिपी हुयी नजर आती है सरकार बहुत होशियार है वरना अशिक्षा की हर चुनाव में पोल खुलती।
और अगर उसी बुंदेलखंड से मेरी दीदी अपने स्वतंत्र विचार रख दें तो है ना एक भाई के लिये गौरव की बात कि अब वास्तव में परिवर्तन हो सकता है दीदी मैं जानता हूं आप समाज के सामने आकर इन बातों को नहीं कह सकती पर मैं यह भी जानता हूं आप अपने तरीके से आंतरिक रूप से जागरूकता फैलाने के लिये प्रतिबद्ध हैं और आप जैसी बहन चित्रकूट के विकास में बुंदेलखंड के विकास की क्रांति में अंदरूनी समयानुसार महत्वपूर्ण साथ दे रही हैं यह है ना महिला स्वतंत्रता वैचारिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अपने मत का सही प्रयोग अपने विवेकानुसार तो क्या मैं अपनी दीदी की सोच समझ विचारों पर गर्व नहीं कर सकता और आप ????
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