बुधवार, 29 अक्टूबर 2014

मित्रों 1880 में अल्तामिरा कि गुफायें खोजी गयीं लेकिन अगर इस घटना पर गहराई से सोचा जाये तो अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना था इंसान जीव वा छोटे बड़े ज्ञानी अज्ञानी सभी के महत्व को बखूबी समझा जा सकता है।

एक कुत्ता भूल से एक गुफा के भीतर गिर गया बारिस हुई कुछ गीली मिट्टी उसके ऊपर गिर गयी वह कुत्ता नीचे सरक जाता है और दलदल में फंसकर आवाज करता है।
मर्सिलानो नाम का किसान अपने कुत्ते को बाहर निकालने का प्रयास करता है तभी उसे कुछ हड्डियां दिख जाती हैं और वह इतिहास का विद्यार्थी था वह कुत्ते को निकालकर गुफा के और अंदर जाता रहा प्रतिदिन एक एक हड्डी का अध्ययन करता था एक दिन उसकी 7-8 साल की लडकी कहती है पापा मैं भी चलूंगी पिता उसे ले जाता है मर्सिलानो व्यस्त हो जाता है हड्डियों के अध्ययन मे और सर्च लाईट एकदम पास था लडकी सीलिंग की तरफ यानी कि ऊपर की ओर देखने लगी अचानक से वह बोली पापा पापा ऊपर देखो और इस प्रकार से अल्तामिरा की गुफाओं की खोज हो गयी पिताजी प्रतिदिन जाते थे लेकिन सीलिंग तरफ वह देखते तक नहीं थे वह तो हड्डियां बीनने में व्यस्त थे लेकिन 7-8 वर्ष की छोटी लडकी की वजह से कमाल हो गया विश्व की सबसे प्रसिद्ध गुफाओं की खोज हो सकी जो अपने अद्भुत वा रहस्यमयी चित्रों के लिये आज भी प्रसिद्ध है।

जीवन में होने वाली घटनायें हमें वा हमारे जीवन को कोई नया मोड देती हैं प्रत्येक घटना महत्वपूर्ण है प्रत्येक जीव का महत्व है और छोटे बड़े ज्ञानी अज्ञानी समझदार मूढ का भेद नहीं करना चाहिए सभी अपनी जगह महत्व रखते हैं अगर पिता छोटी बच्ची को छोटी समझता उसकी जिज्ञासा को मार देता तो क्या इन गुफाओं का आविष्कार हो पाता?
शायद नहीं होता क्यूंकि बड़े लोग ज्ञानी लोग एक सीमित दायरे तक ही खोज करते हैं लेकिन एक बचपन का निष्छल मन संपूर्ण ब्रह्मांड को भी खोज सकता है आप लंबाई चौडाई उम्र समझदारी में बड़े हो जाओ मन को बच्चा ही रहने दो फिर देखो ना भेदभाव रहेगा ना मानसिक अवसाद होगा हम थोड़े में खुश रहेगें ज्यादा होने का घमंड नहीं होगा।
मन तो अभी बच्चा है जी।

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2014

वर्तमान परिस्थितियों में मित्र एक खोज

आज मित्रता के बारे में सोच रहा हूं मित्र और मित्रता क्या है बड़ा ही कठिन विषय है बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन मीत अर्थात प्यारा हो इस मीत शब्द से बना 'मि'।
मित्र से इत्र का उच्चारण होता है और इत्र सदैव महकता रहत है और इत्र बंद डिब्बी में ही रहता है और मीत अर्थात प्रेम हमेशा छिपा होता है मित्र शब्द में "मीत" और "इत्र" गुप्त रूप से घुले मिले हैं।
अर्थात मित्रता में प्रेम की खुशबू होती है मित्रता अकेलेपन को दूर करती है एक मित्र से हम अपने दुख सुख को साझा करते हैं खून के रिश्तों से इतर मित्रता का सम्बंध अपने आप में अलौकिक है जिस वक्त आपका कोई नहीं होता आप दुख दर्द में होते हैं समस्याओं से घिरे होते हैं तभी एक सच्चा मित्र आपके साथ होता है वह आपकी सहायता करता है और आपके दुखों को हर लेता है बहुतों का जीवन मित्रों के सहारे चलता है।
लेकिन इस जीवन में हम अक्सर समझ नहीं पाते कोई मित्र के रूप में काफी लंबे अरसे तक पीठ में छूरा घोपता रहता है और हम में से कोई एक मित्रता निभाता रहता है यह भी मित्रता की स्वाभाविक कुर्बानी है क्यूंकि मित्र में मीत है प्रेम है और हम इंसान प्रेम में कुर्बान होते रहे हैं।

वह प्रेम ही क्या जो कुर्बानी की खुशबू से ना महके जीवन में मित्रता का यही एक सिक्के के दो पहलू हैं। आप सभी के जीवन में कोई ना कोई मित्र अहम होगा जिसके लिये आपका दिल धडकता होगा और उस मित्र का भी आपके लिये धडकता होगा आप दोनों एक दूसरे के जीवन में एक पूरक का काम करते होगें क्षमतानुसार प्रत्येक मित्र अपने मित्र की मदद करता है।
कृष्ण और सुदामा की मित्रता जग जाहिर है जब भी मित्रता की चर्चा होती है कृष्ण सुदामा का नाम अनपढ की जुबान में मूक और बधिर के हृदय में स्वयमेव समा जाता है।
जैसे जैसे समय आधुनिकता की ओर बढ रहा है वैसे वैसे मित्रता का मीत और इत्र कहीं खोता जा रहा है शायद अधिक व्यस्तता आगे बढने की प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिता या फिर इंसान के स्वभाव में कुटिलता छा जाना बहुत से मित्र ऐसे मिलते हैं जो अपने किसी मित्र की कूटनीति कुटिलता अत्यधिक चापलूसी से या तो धोखा खाये या फिर उनकी हरकत से परेशान हैं।
यह समय ऐसा है कि सबकुछ सोच समझकर करने योग्य है लेकिन मित्रता के प्रेम में अंधे हो जाते हैं।
मैं अपने बारे में बताऊं तो मेरे कुछ बचपन के मित्र आज भी उसी सहज भाव से मेरे साथ हैं गरीब अमीर सभी से उतना ही स्नेह प्रेम अनवरत बना हुआ है जब भी मिलते हैं अत्यंत खुश होते हैं कितनी भी दूर रहें संचार माध्यम से बात होती ही रहती है और फिर व्यावसायिक मित्र राजनीतिक मित्र आभासी दुनिया के मित्र सभी से सहज संबंध लेकिन एक मित्र जीवन में ऐसा भी है जिसने बार बार दर्द दिया और हम निभाते चले गये_______


बुधवार, 1 अक्टूबर 2014

कांग्रेस वा धर्मनिरपेक्ष ताकतों में नेतृत्व क्षमता की कमी है

मान ना मान मैं तेरा मेहमान की तर्ज पर नरेन्द्र मोदी जी कम से कम १० वर्ष कांग्रेसी बसपाई सपाई संपूर्ण धर्मनिरपेक्ष साथियों के प्रधानमंत्री अनवरत बने रहेंगे यह कोई भविष्यवाणी नहीं बल्कि मेरा आत्मविश्वास कहता है।

नरेन्द्र मोदी जैसा नेतृत्व कम से कम वर्तमान समय में भारत के किसी भी नेता में नहीं है और धर्मनिरपेक्ष कहलाने वाले ताकतों की एक आंख राहुल गांधी में नेतृत्व क्षमता की कमजोरी है वह मोदी के आसपास नहीं टिकते।
तथाकथित धर्मनिरपेक्ष ताकतों के पास अभी लगभग चार वर्ष ६ महीने हैं ढूंढों खोजो सीखो सिखाओ एकदम दमदार नेता निकाल के लाओ टेस्ट ट्यूब से तो अगले चुनाव में मदारी का खेल देखने में ज्यादा आनंद आयेगा लेकिन जीत तो भारत मां के सपूत नरेन्द्र मोदी की ही होगी।
मोदी जी में गजब की कार्यक्षमता वा नेतृत्व क्षमता है।
अब किसी को इतना वक्त और मौका नहीं कि वह अप्रवासी भारतीयों का दिल जीत सके और मोदी जी ने बाजी मार ली।
खैर ५०० करोड वाले व्हील चमक वाले राहुल जी विदेश तो हमेशा जाते हैं पर वह अपने गुप्त कार्यों में ही व्यस्त रहते हैं कभी इतनी दूरदृष्टि नहीं रही कि अप्रवासी भारतीयों से बैठकर चर्चा करते उनके हालचाल लेते उनकी समस्याओं से रूबरू होते तो शायद वह भारत आकर उनका प्रचार करते और कभी तो बाजी मार लेते।
लेकिन राहुल जी विदेश छुट्टियां मनाने जाते हैं और मोदी जी काम करने जाते हैं यह फर्क है।
जहां राहुल विदेश में गुपचुप तरीके से रहते हैं वही मोदी खुल्लमखुल्ला रहते हैं।
वैसे वैश्विक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी भारतीय नेता को इतनी ज्यादा तादाद में अप्रवासी भारतीय और विभिन्न देशों की जनता ने एक साथ सुना हो लेकिन फिर भी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष सर्वगुण संपन्न ताकतें अपने ही राष्ट्र के प्रधानमंत्री पर कमियां निकालने में व्यस्त हैं राजदीप जैसे इटली बेस्ड पत्रकार जब अमेरिका में राष्ट्रद्रोह जैसा कार्य कर रहे थे तो देशभक्त अप्रवासी भारतीयों ने उन्हें यह बता दिया कि यह अमेरिका है और हम जागरूक भारतीय हैं।
मुझे मोदी जी भाषण सुनकर आभाष हो गया है कि अभी तक तो ऐसे किसी का जन्म नहीं हुआ जो मोदी की जगह ले सके परंतु टेस्ट ट्यूब एक विकल्प है और कुछ हाईट वर्धक और बुद्धिवर्धक शंखपुष्पी प्रकार की आदि दवाईयों का प्रयोग करें तो शायद अगला चुनाव देखने योग्य हो वरना चुनाव एकतरफा मोदी ही जीतेगें।
#कोई_शक?