मित्रों एक समय था जब हम मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिये सोशल मीडिया वा जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे थे मैंने तो पुणे से नौकरी भी छोड दी थी और भी कुछ व्यक्तिगत कारण थे परंतु मोदी मिशन भी दिल दिमाग में था।
सिर्फ मेरी ही नहीं राष्ट्र के प्रत्येक नवयुवक की यही इच्छा थी और जब मन से ठाना था तो सभी ने त्याग किया यह बीजेपी की जीत कम कांग्रेस के भ्रष्टाचार कुशासन के विरूद्ध जनता वा राष्ट्रवादी नवयुवकों की जीत थी जो विकास और रोजगार चाहते थे इसी उम्मीद के साथ उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश ने मोदी जी को हांथों हाथ लिया बल्कि कहूं तो अपनी गोद में बिठाकर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया।
अब समस्या यह सामने आ रही है कि ज्यादातर समर्थक इतने कम दिनों में ही संपूर्ण विकास चाहते हैं जो जहां से वह वहीं विकास चाहता है जो जिस मुहल्ले से है उस मुहल्ले में सडक चाहता है बिजली चाहता है पानी चाहता है रोजगार चाहता है उनकी सोच गलत भी नहीं है अगर ऐसा हो जाये तो "सोने पे सुहागा" होगा।
लेकिन जिस कांग्रेस और धर्मनिरपेक्ष ताकतों के शासन के द्वारा हमारा आज तक यह स्वप्न पूर्ण नहीं हुआ तो क्या इन तीन महीनों में ही हमारा स्वप्न साकार हो जायेगा क्या हो जाना चाहिए।
हम सभी शिक्षित हैं हमें ज्ञात है कि हमारा राष्ट्र लोकतांत्रिक गणराज्य है और प्रादेशिक शासन तथा केंद्रीय शासन में विभक्त है। राष्ट्र के लिये जितनी ज्यादा जिम्मेदार केन्द्र सरकार होती है एक प्रदेश के लिये उतनी ही जिम्मेदार वा ताकतवर प्रादेशिक सरकार होती है।
केन्द्र सरकार के साथ साथ कदम से कदम मिलाकर गरीबी हटाओ विकास पाओ रोजगार दो जैसे उद्देश्य की प्राप्ति प्रादेशिक सरकारें कर सकती हैं और व्यवस्था का एक जाल विछा है जिला तहसील ब्लाक ग्रामसभा स्तर तक सबको जिम्मेदारी निभानी होगी।
अगर मैं वर्तमान हालातों पर नजर डालूं चिंतन करूं तो ऐसा लग रहा है कि भारत को विश्व विजेता बनाने के लिये सचिन और सहवाग की जोडी ओपनिंग बैटिंग अच्छी कर रही है राष्ट्र के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार मेहनत कर रहे हैं वो जापान गये तो कुछ लेकर आये हिन्दी में बोलकर राष्ट्र वा मातृभाषा का गौरव बढाया।
पाकिस्तान से लगातार कड़े तेवर बनाये रखे और आज अगर वो युद्ध भी कर ले तो विपक्ष और एक बहुतायत जनता ही उनके निर्णय को गलत करार देने लगेगी क्यूंकि युद्ध हमें विकास के मामले में १० वर्ष पीछे ले जा सकता है इसलिए पाक को उसी की भाषा में कूटनीतिक जवाब दिया तो स्थितियां जल्द ही काबू में दिखेगी और जरूरत पडने पर हमारी सेना सदैव तैयार है।
नरेन्द्र मोदी जी की अमेरिका की यात्रा एक बडा संदेश देगी इसके बाद आप सभी को काफी कुछ स्पष्ट नजर आने लगेगा कि हमारा देश किस ओर जा रहा है।
इतने कम समय में बड़े फैसले लिये हैं राम सेतु का ना तोड़ा जाना हिन्दू संस्कृति की रक्षा हेतु अविस्मरणीय कदम है।
बात रही राम मंदिर की तो मामला कोर्ट में विचाराधीन है और राष्ट्र के प्रधानमंत्री का धर्म बनता है कि वह न्यायपालिका के निर्णय का इंतजार करें और वह सपथ भी लेते हैं पद और गोपनीयता की मुझे विश्वास है इस मुद्दे पर भी आप जल्द ही संतुष्ट नजर आयेगें।
धारा ३७० हटाने के लिये लोकसभा सहित राज्यसभा में भी बहुमत होना चाहिए जो उचित समय पर ही हो सकता है तो जरा धैर्य और इंतजार का मजा लीजिए। आपके शरीर ५० साल का नासूर हो और वह १० दिन की दवा लेकर ठीक हो सकता है क्या ?
कामन सिविल कोड गौ हत्या सब मुद्दे में समय तो लगेगा एक घर की रसोईं चलाने की कठिनाई कोई गृहणी ही बता सकती है यहां तो संपूर्ण राष्ट्र की रसोईं का एक ही मालिक रसोईंयां नरेन्द्र मोदी ही नजर आ रहे हैं क्यूंकि उनके बहुतेरे सांसद खुद जीतकर नहीं आये उन्हें मोदीजीत मिली है इसलिए मोदी जी की मेहनत पर अगर कोई पानी फेर रहा है तो वह कोई और नहीं उनके संसद सदस्य ही अकर्मण्यता वा दलालों के शिकार हो रहे हैं वो सांसद निधि कब कहां कितनी किस विकास कार्य हेतु खर्च करेंगे आज तक कोई जनता के सामने अपनी बात नहीं रख रहे हैं जब वह चुनाव लडते थे तो बोलते थे कि मोदी जी ने कहा है पूरे संसदीय क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में फैक्ट्रियां होगी सबको रोजगार मिलेगा विकास होगा लेकिन जीतने के बाद बहुत से सांसदों ने जनता और समर्थकों को मुंह नहीं दिखाया और सीधे मुह बात नहीं की वो सिर्फ बड़े दलालों को कुर्सी देते हैं और कमीशनबाज़ी की रमझगरी में व्यस्त रहते हुए घूमते फिरते कभी कभी राजनैतिक स्टंट दिखा देते हैं जिससे अगले दिन अखबार के माध्यम से जनता को मालूम हो जाता है कि सांसद जी जिंदा हैं।
जय हिंद #राम_भरोसे_हिंदुस्तान
सिर्फ मेरी ही नहीं राष्ट्र के प्रत्येक नवयुवक की यही इच्छा थी और जब मन से ठाना था तो सभी ने त्याग किया यह बीजेपी की जीत कम कांग्रेस के भ्रष्टाचार कुशासन के विरूद्ध जनता वा राष्ट्रवादी नवयुवकों की जीत थी जो विकास और रोजगार चाहते थे इसी उम्मीद के साथ उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश ने मोदी जी को हांथों हाथ लिया बल्कि कहूं तो अपनी गोद में बिठाकर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया।
अब समस्या यह सामने आ रही है कि ज्यादातर समर्थक इतने कम दिनों में ही संपूर्ण विकास चाहते हैं जो जहां से वह वहीं विकास चाहता है जो जिस मुहल्ले से है उस मुहल्ले में सडक चाहता है बिजली चाहता है पानी चाहता है रोजगार चाहता है उनकी सोच गलत भी नहीं है अगर ऐसा हो जाये तो "सोने पे सुहागा" होगा।
लेकिन जिस कांग्रेस और धर्मनिरपेक्ष ताकतों के शासन के द्वारा हमारा आज तक यह स्वप्न पूर्ण नहीं हुआ तो क्या इन तीन महीनों में ही हमारा स्वप्न साकार हो जायेगा क्या हो जाना चाहिए।
हम सभी शिक्षित हैं हमें ज्ञात है कि हमारा राष्ट्र लोकतांत्रिक गणराज्य है और प्रादेशिक शासन तथा केंद्रीय शासन में विभक्त है। राष्ट्र के लिये जितनी ज्यादा जिम्मेदार केन्द्र सरकार होती है एक प्रदेश के लिये उतनी ही जिम्मेदार वा ताकतवर प्रादेशिक सरकार होती है।
केन्द्र सरकार के साथ साथ कदम से कदम मिलाकर गरीबी हटाओ विकास पाओ रोजगार दो जैसे उद्देश्य की प्राप्ति प्रादेशिक सरकारें कर सकती हैं और व्यवस्था का एक जाल विछा है जिला तहसील ब्लाक ग्रामसभा स्तर तक सबको जिम्मेदारी निभानी होगी।
अगर मैं वर्तमान हालातों पर नजर डालूं चिंतन करूं तो ऐसा लग रहा है कि भारत को विश्व विजेता बनाने के लिये सचिन और सहवाग की जोडी ओपनिंग बैटिंग अच्छी कर रही है राष्ट्र के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार मेहनत कर रहे हैं वो जापान गये तो कुछ लेकर आये हिन्दी में बोलकर राष्ट्र वा मातृभाषा का गौरव बढाया।
पाकिस्तान से लगातार कड़े तेवर बनाये रखे और आज अगर वो युद्ध भी कर ले तो विपक्ष और एक बहुतायत जनता ही उनके निर्णय को गलत करार देने लगेगी क्यूंकि युद्ध हमें विकास के मामले में १० वर्ष पीछे ले जा सकता है इसलिए पाक को उसी की भाषा में कूटनीतिक जवाब दिया तो स्थितियां जल्द ही काबू में दिखेगी और जरूरत पडने पर हमारी सेना सदैव तैयार है।
नरेन्द्र मोदी जी की अमेरिका की यात्रा एक बडा संदेश देगी इसके बाद आप सभी को काफी कुछ स्पष्ट नजर आने लगेगा कि हमारा देश किस ओर जा रहा है।
इतने कम समय में बड़े फैसले लिये हैं राम सेतु का ना तोड़ा जाना हिन्दू संस्कृति की रक्षा हेतु अविस्मरणीय कदम है।
बात रही राम मंदिर की तो मामला कोर्ट में विचाराधीन है और राष्ट्र के प्रधानमंत्री का धर्म बनता है कि वह न्यायपालिका के निर्णय का इंतजार करें और वह सपथ भी लेते हैं पद और गोपनीयता की मुझे विश्वास है इस मुद्दे पर भी आप जल्द ही संतुष्ट नजर आयेगें।
धारा ३७० हटाने के लिये लोकसभा सहित राज्यसभा में भी बहुमत होना चाहिए जो उचित समय पर ही हो सकता है तो जरा धैर्य और इंतजार का मजा लीजिए। आपके शरीर ५० साल का नासूर हो और वह १० दिन की दवा लेकर ठीक हो सकता है क्या ?
कामन सिविल कोड गौ हत्या सब मुद्दे में समय तो लगेगा एक घर की रसोईं चलाने की कठिनाई कोई गृहणी ही बता सकती है यहां तो संपूर्ण राष्ट्र की रसोईं का एक ही मालिक रसोईंयां नरेन्द्र मोदी ही नजर आ रहे हैं क्यूंकि उनके बहुतेरे सांसद खुद जीतकर नहीं आये उन्हें मोदीजीत मिली है इसलिए मोदी जी की मेहनत पर अगर कोई पानी फेर रहा है तो वह कोई और नहीं उनके संसद सदस्य ही अकर्मण्यता वा दलालों के शिकार हो रहे हैं वो सांसद निधि कब कहां कितनी किस विकास कार्य हेतु खर्च करेंगे आज तक कोई जनता के सामने अपनी बात नहीं रख रहे हैं जब वह चुनाव लडते थे तो बोलते थे कि मोदी जी ने कहा है पूरे संसदीय क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में फैक्ट्रियां होगी सबको रोजगार मिलेगा विकास होगा लेकिन जीतने के बाद बहुत से सांसदों ने जनता और समर्थकों को मुंह नहीं दिखाया और सीधे मुह बात नहीं की वो सिर्फ बड़े दलालों को कुर्सी देते हैं और कमीशनबाज़ी की रमझगरी में व्यस्त रहते हुए घूमते फिरते कभी कभी राजनैतिक स्टंट दिखा देते हैं जिससे अगले दिन अखबार के माध्यम से जनता को मालूम हो जाता है कि सांसद जी जिंदा हैं।
जय हिंद #राम_भरोसे_हिंदुस्तान